
“फूलछाप कमल भैय्ये पार्षद को शायद ‘महतारी वंदन’ और ‘नारी शक्ति’ की बात सुनने का तनिक भी अवसर नहीं मिला होगा, तभी तो महिलाओं की शिकायत सुनने के बजाय कथित तौर पर हाथ उठाने की नौबत आ गई।
भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं से विनम्र निवेदन है कि ऐसे ‘महिला सम्मान’ के स्वयंभू ठेकेदार को प्रधानमंत्री जी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम रिपीट टेलीकास्ट में नहीं, बल्कि लाउडस्पीकर पर बैठाकर बार-बार सुनाया जाए, ताकि इनके दिमाग में कम से कम इतना तो बैठ सके कि राजनीति में दादागिरी नहीं, जनता की सेवा की जाती है।
महिलाएं न्याय मांग रही हैं, प्रशासन जांच कर रहा है और जनता सवाल पूछ रही है—आखिर सत्ता का झंडा हाथ में आते ही कुछ लोगों को कानून से ऊपर होने का भ्रम क्यों हो जाता है?बाकी तो आप जानते ही हैं—ये गारंटी, वो गारंटी…और 15 लाख पूछ लो तो जवाब की जगह देशभक्ति का प्रमाणपत्र मांग लिया जाता है!”
