
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से मानसून के बीच दर्दनाक खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार आकाशीय बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 नाबालिग बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।बताया जा रहा है कि मौसम अचानक बदला और इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटना हुई। हादसे के समय प्रभावित लोग आम के बगीचे की ओर गए हुए थे।
अचानक हुई इस घटना ने कुछ ही पलों में तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं।मानसून के दौरान छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा बढ़ जाता है। सरगुजा संभाग में भी मौसम को लेकर अलर्ट जारी रहने की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में खुले मैदान, पेड़ों के नीचे, खेतों और जलस्रोतों के पास खड़े रहना बेहद खतरनाक हो सकता है।प्रशासन और पुलिस ने घटना को संज्ञान में लिया है।
मृतकों के परिजनों को शासन स्तर पर मिलने वाली सहायता और आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी। हालांकि इस तरह की घटनाएं बार-बार यह सवाल खड़ा करती हैं कि ग्रामीण इलाकों में मौसम अलर्ट और बिजली से बचाव की जानकारी आम लोगों तक कितनी तेजी से पहुंच रही है।विशेषज्ञों के अनुसार गरज-चमक के दौरान लोगों को तुरंत सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेनी चाहिए।
पेड़ के नीचे खड़ा होना, खेत में काम जारी रखना, मोबाइल या धातु की वस्तुओं के साथ खुले स्थान पर रहना खतरे को बढ़ा सकता है।सरगुजा की यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि मानसून में सावधानी की बड़ी चेतावनी है। मौसम बदलते ही लापरवाही जानलेवा हो सकती है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन, पंचायत और स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना समय की मांग है।

